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VOL. 8, ISSUE 2 (2026)
उराँव जनजाति महिलाओं कि सामाजिक एवं संस्कृति (झारखण्ड राज्य रामगढ़ जिले के संदर्भ में)
Authors
सुमन कुमारी
Abstract
यह लेख उराँव महिलाओं कि सामाजिक एवं संस्कृति झारखण्ड राज्य रामगढ़ जिले के रहने वाली महिलाओं के जीवन में सामाजिक एवं संस्कृति का संघर्ष विवेचना को प्रस्तुत करता है। इस जनजाति कि महिलाएँ झारखण्ड और आस-पास के क्षेत्रों में सामाजिक और संस्कृति रूप से रीढ़ की हडी मानी जाती है। जो कि उराँव जनजाति महिलाएँ स्वतंत्र और संस्कृति धरोहर को संजोए हुए है। वे कृषि, परिवार और सामुदायिक नृत्य गीत में सक्रिय सम्मान्यजनक स्थान प्राप्त। उराँव महिलाओं कि पूर्ण रूप से स्वतंत्रा प्राप्त है। अब शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक हो रही है। लेकिन कुछ ऐसी भी महिलाए है वो गरीबी और लैंगिक विभाजन के कारण चुनौतियां बनी हुई है। अब महिलाएँ व केवल संस्कृति को जीवन रखे हुए है, बल्कि सामाजिक स्थिति कि चुनौतियों का सामना करते हुये आत्म निर्भर बनने की दिशा में भी बढ़ रही है।
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Pages:27-28
How to cite this article:
सुमन कुमारी "उराँव जनजाति महिलाओं कि सामाजिक एवं संस्कृति (झारखण्ड राज्य रामगढ़ जिले के संदर्भ में)". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 8, Issue 2, 2026, Pages 27-28
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