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VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी: कारण एवम् प्रभाव
Authors
नेहा साह
Abstract
भारतीय राजनीति में महिलाओं की अल्प भागीदारी तथा अल्प प्रतिनिधित्व वर्तमान समय में एक महत्वपूर्ण समस्या है। भारत जैसंे विशाल लोकतांत्रिक देश में महिलाओं की संख्या लगभग पुरूषों के समान हैं, परन्तु राजनीतिक भागीदारी अथवा राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में दोंनो ही संख्याओं में व्यापक अन्तर देखा जाता हैं। भारत एक पितृसतात्मक देश है, जिसके फलस्वरूप यहाँ पुरूषों का वर्चस्व स्वाभाविक माना जाता है। महिला एवम् पुरूष दोनों हमारे समाज के महत्वपूर्ण हिस्से हैं अतः दोनों वर्गो की राजनीतिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण हैं। भारतीय समाज में लिंग आधारित भेदभाव व्याप्त हैं, जो महिलाओं के अल्पतम राजनितिक भागीदारी के कारणों में से एक प्रमुख कारण हैं। किसी भी समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है, चाहे वह पारिवारिक भूमिका हो या सामाजिक भूमिका हो अथवा राजनीतिक भूमिका हो। परन्तु भारतीय समाज में महिलाओं की राजनीतिक भूमिका काफी कम नज़र आती हैं। राजनीतिक क्षेत्र में भारतीय महिलाओं ने स्वयं को एक रेखा तक सीमित कर लिया है। हमारे देश में महिलाओं की संख्या लगभग पुरूषों के समान है, परन्तू भारतीय संसद में महिलाओं की संख्या पूरूषों की तुलना में आधी भी नहीं हैं। 21वीं शताब्दी में भी संसद तक इनकी मौजूदगी अथवा उपस्थिति सीमित हैं। मेरा यह अध्ययन भारतीय लोकसभा चुनाव तथा संसद में महिलाओं के अल्प प्रतिनिधित्व को दर्शाता है तथा महिला एवम् पुरूष दोनों की चुनावी भागीदारी की तुलना करता हैं। इसके अलावा इस अध्ययन में महिलाओं के अल्प प्रतिनिधित्व के कारणों एवम् इसके प्रभाव को जानने का प्रयास किया गया हैं।
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Pages:119-122
How to cite this article:
नेहा साह "भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी: कारण एवम् प्रभाव". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 119-122
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