Logo
International Journal of
Sociology and Political Science
ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
लोकतंत्र की स्थापना में सुशासन की भूमिका
Authors
राजदीप चतुर्वेदी
Abstract
और लोकतंत्र और सुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। लोकतंत्र के बिना सुशासन संभव नहीं है सुशासन के बिना लोकतंत्र का कोई महत्व नहीं। यदि शासन प्रणाली पारदर्शी न्यायसंगत और उत्तरदायी होगी, तो यह न केवल जनता का विश्वास जीतेगी, बल्कि समाज की प्रगति का आधार भी बनेगी जिसमें शक्ति जनता के हार्थों में होती है। इस प्रणाली में नागरिकों को अपने नेताओं का चयन करने का अधिकार होता है, आमतौर पर चुनावों के माध्यम से। लोकतंत्र में समानता, स्वतंत्रता, और अधिकारों की सुरक्षा महत्वपूर्ण मूल्य होते हैं। इसमें सरकार का गठन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से होता है। लोकतंत्र का उद्देश्य न्याय, स्वतंत्रता, और लोगों की भलाई सुनिश्चित करना है।
Download
Pages:93-95
How to cite this article:
राजदीप चतुर्वेदी "लोकतंत्र की स्थापना में सुशासन की भूमिका". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 93-95
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.