ARCHIVES
VOL. 4, ISSUE 2 (2022)
शिक्षा एवं समाज
Authors
प्रमिला वास्केल
Abstract
व्यक्तित्व के सर्वागीण विकास का आधार एवं समाज दर्पण शिक्षा है। यह देश की उन्नति और विकास का संवाहक एवं प्रेत्यक महत्वाकांक्षी समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी गतिशील समाज में शिक्षा की अवधारणा उस समाज की नैतिकताओं, आदर्शवादी अपेक्षाओं, बेहतर जीवन मूल्यों और व्यावहारिक जीवन की मांगो से जोड़कर गढ़ी जाती है।1 समाज में शिक्षा का विकास एक आधारभूत नींव है। शिक्षा से समाज का विकास निर्भर करता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज का विकास कर सकता है, शिक्षा समाज में जातिगत भेद-भाव को समाप्त करने में कारगर है। समाज के रिती-रिवाज, परंपराएं, रूढ़ीयां, प्रथा, अंधविश्वास विकास में बाधा डालती है लेकिन समाज में शिक्षा के प्रचार प्रसार से शिक्षित मनुष्य समाज में तर्क-वितर्क के साथ अंधविश्वास को दुर करने में सफल रहता है। वर्तमान समाज में शिक्षा का योगदान अमिट है। शिक्षा से ही सामाजिक, आर्थिक, एवं राजनीतिक परिदृश्य को सुधारा जा सकता है।
Download
Pages:26-28
How to cite this article:
प्रमिला वास्केल "शिक्षा एवं समाज". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 4, Issue 2, 2022, Pages 26-28
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

