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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
कला इतिहास में अनुसंधान-एक विष्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
भरत कुमार
Abstract
मनुष्य की रचना जो जीवन में आनन्द प्रदान करती है, कला कहलाती है। कला का मनुष्य के मानसिक, बौद्धिक शारीरिक, चारित्रिक, आत्मिक व्यक्तित्व, सामाजिक, नैतिक, व्यावसायिक तथा दार्शनिक विकास के मूल्यों को ध्यान में रखकर निर्माण किया जाता है। कला इतिहास में हम उन कलाकृतियों का अध्ययन करते है. जो हमें उस समय की संस्कृति के प्रचलन से अवगत कराती है तथा उसके पीछे के उद्देश्यों से हमे रूबरू कराती है। कला इतिहास में अनुसंधान किसी कलाकृति या कलाकृतियों में प्रयुक्त तत्त्वों सिद्धातों. सृजनात्मक पक्षों तथा उद्देश्यों को आधार लेकर की जाती है।
अनुसंधान की इस प्रक्रिया में हम समस्या का चयन निरूपण एवं उसकी परिभाषा, सम्बन्धित सूचना का सर्वेक्षण नवीन दत्तों का संग्रह, विशेषेण तथा व्याख्या तथा किये गये कार्य का प्रतिवेदन आदि सभी पदों का प्रयागे करते हैं। किसी भी अनुसंधान में प्रदत्तों का सकं लन मलू व गौण स्त्रोतों से किया जाता है। किंतु मूल प्रदत्त अनुसंधान की सत्यता व प्रतिष्ठा के लिये महत्वपूर्ण हातेे है। विभिन्न दृश्य कलाओं का उनकी समस्या के आधार पर संकलन व विश्लेषण कर एक परिसिमन में अध्ययन किया जाता हैं जो हमारे अनुसंधान का उद्देश् य है। अतः वर्तमान की समस्याओं को दूर करने हेतु अतीत कें अनुभवों से लाभ उठाना कला इतिहास के अनुसंधान की उपयोगिता को तर्क-संगति प्रदान करता है।
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Pages:22-23
How to cite this article:
भरत कुमार "कला इतिहास में अनुसंधान-एक विष्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 22-23
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