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VOL. 4, ISSUE 1 (2022)
अम्बेडकर का राष्ट्रवादी दृष्टिकोणः एक विश्लेषण
Authors
धर्मेन्द्र चौधरी
Abstract
राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद के संबंध में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों की चर्चा अकादमिक गोष्टियों एवं अधिवेशनों में बहुत ही कम देखने व सुनने को मिलती है। भारत के वामपंथी एवं दक्षिणपंथी यहां तक की दलित चिंतकों एवं अम्बेडकरवादी विचारकों में भी डॉ. अम्बेडकर के इन विचारों के प्रति उदासीनता देखने को मिलती है। वर्तमान समय में इन बिन्दुओं पर अध्ययन और भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है जब बदलते राजनीतिक परिदृश्य में विभिन्न राजनीतिक धाराओं द्वारा उन्हें अपनाने की प्रतियोगिता चल रही है। इस शोध पत्र में अम्बेडकर के राष्ट्रवादी चिंतन का ऐतिहासिक एव विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। यह सत्य है कि उन्होनें भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन की मुख्य धारा से सहभागिता नहीं की और न ही उसका कभी भी समर्थन ही किया, परन्तु उनके द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से जो सामाजिक आधारशिला रखी गयी वह आज भी भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में महत्वपूर्ण है।
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Pages:50-53
How to cite this article:
धर्मेन्द्र चौधरी "अम्बेडकर का राष्ट्रवादी दृष्टिकोणः एक विश्लेषण". International Journal of Sociology and Political Science, Vol 4, Issue 1, 2022, Pages 50-53
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