International Journal of Sociology and Political Science

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International Journal of Sociology and Political Science
2022, Vol. 4, Issue 1
हिंदमहासागर में चीन का बढ़ता प्रभावः भारत के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं

नवीन सिंह, राजपाल बुडानिया

एशिया, अफ्रीका तथा ऑस्ट्रेलिया तीन महाद्वीपों से घिरा हिंदमहासागर उपग्रह छायाचित्रों तथा मानचित्रों पर एक बहुत बड़ी प्राकृतिक झील की तरह प्रतीत होता है। हिंदमहासागर अपने सामरिक एवं व्यापारिक महत्व के कारण प्राचीन काल से ही विभिन्न शक्तियों के आकर्षण एवं प्रतिद्वंदिता का केंद्र रहा है। चीन, दक्षिण चीन सागर में स्थित चीनी द्वीपसमूह हाईनान से लेकर मलक्का स्ट्रेट, बंगाल की खाड़ी, अरब सागर से होते हुए पूर्वी अफ्रीका तक के विशाल इलाकों में अपने सामरिक अड्डे स्थापित कर रहा है. यह अड्डे बंदरगाहों हवाई पट्टी,निगरानी केंद्रों के रूप में बनाए जा रहे हैं. ये चीनी अड्डे भारत की सीमाओं के एकदम नजदीक है जो भारतीय सुरक्षा को चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं चीन के भारत को घेरने के इस नीति को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने मोतियों की माला (स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स) का नाम दिया. चीन अब पूरे विश्व में अपनी व्यापारिक वह सामरिक स्थिति मजबूत करने के लिए वन बेल्ट वन रोड की नीति पर काम कर रहा है, इसके दो रूट आर्थिक सिल्क रोड व समुद्री सिल्क रोड होंगे. वन बेल्ट वन रोड का एक अहम हिस्सा चीन-पाकिस्तान आर्थिक कारि डोर(ब्च्म्ब्) भारत की संप्रभुता व सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न कर रहा है. भारत चीन के इन चुनौतियों को समझते हुए इस क्षेत्र में अपने को मजबूत करने के लिए विभिन्न संभावनाएं तलाश रहा है. भारत अपनी नौ सैन्य शक्ति तथा आयुध क्षेत्रों को मजबूत करने के साथ ही कूटनीति का भी प्रयोग कर रहा है .भारत की जहां मालाबार नौ सैन्य शक्ति चीनी शक्ति को चुनौती दे रही है, वही एशिया अफ्रीका ग्रोथ, कॉरिडोर जो कि भारत और जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है, चीन के विवादास्पद वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट का करारा जवाब माना जा रहा है. इसी प्रकार जहां भारत कि सागरमाला परियोजना भारत को चीन की समुद्री चुनौतियों से भारत की सुरक्षा करेगी वहीं कई रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में चीन के स्ट्रिंग आफ पर्ल्स की रणनीति को चुनौती देने के लिए एक नई रणनीति नेकलेस आफ डायमंड की बनाई है. इसके अलावा भारत-जापान-अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया मिलकर चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (फन्।क्) का निर्माण किया है, जो कि चीन के बढ़ते प्रभुत्व को प्रति संतुलित करेगा. प्रस्तुत शोध पत्र में हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभुत्व से भारत को उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का आकलन करना तथा इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के विभिन्न संभावनाओं की तलाश करना है।
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How to cite this article:
नवीन सिंह, राजपाल बुडानिया. हिंदमहासागर में चीन का बढ़ता प्रभावः भारत के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं. International Journal of Sociology and Political Science, Volume 4, Issue 1, 2022, Pages 54-58
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