International Journal of Sociology and Political Science

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International Journal of Sociology and Political Science
2022, Vol. 4, Issue 1
सरदार वल्लभभाई पटेलः भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन एवं राष्ट्रीय राजनीति में योगदान पर एक समग्र दृष्टि

गणेशा राम, सन्जू मीणा

31 अक्टूबर, 1875 गुजरात के काठियावाड़ जिले के एक छोटे से नगर नाडियाद में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने खेड़ा सत्याग्रह 1918, बारदोली सत्याग्रह 1928, अहमदाबाद महानगरपालिका अध्यक्ष, विदेशी वस्त्रों की होली जलाना और स्वदेशी को अपनाने जैसे आन्दोलन, कांग्रेस के 1931 के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता, सविधान सभा में विभिन्न समितियों की अध्यक्षता जैसे कई अहम मौकों पर भागीदारी निभाकर देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में अपना योगदान दिया है। भारत के पहले गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री के रूप मे सरदार पटेल ने भारतीय संघ में लगभग 562 से अधिक देशी रियासतों के एकीकरण में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी। उस समय त्रावणकोर, हैदराबाद, जूनागढ़, भोपाल और कश्मीर जैसी कुछ रियासतें भारतीय संघ में शामिल होने के विरुद्ध थी। सरदार पटेल ने रियासतों के साथ आम सहमति बनाने के लिए अथक प्रयास किया लेकिन जहाँ भी आवश्यक हो वहाँ पर साम, दाम, दंड और भेद के तरीकों को अपनाने में संकोच नहीं किया। सरदार वल्लभभाई पटेल ने ब्रिटिश भारतीय क्षेत्र के साथ-साथ रियासतों का एकीकरण किया और भारत के बाल्कनीकरण को भी रोका। भारतीय रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने और रियासतों को भारतीय संघ के साथ जुड़ने के लिए राजी करने हेतु इन्हें ‘‘भारत के लौह पुरुष‘‘ के रूप में जाना जाता है।
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गणेशा राम, सन्जू मीणा. सरदार वल्लभभाई पटेलः भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन एवं राष्ट्रीय राजनीति में योगदान पर एक समग्र दृष्टि. International Journal of Sociology and Political Science, Volume 4, Issue 1, 2022, Pages 1-5
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